'गांधी मंडेला अवार्ड' नोबेल पुरस्कार की राह पर चलता एक अंतरराष्ट्रीय प्रयास


यह एक ऐसा मंच है जो अतुलनीय चयन समिति द्वारा विभिन्न देशों के राष्ट्रध्यक्षों को भी सम्मानित करता है..

'गांधी मंडेला अवार्ड' नोबेल पुरस्कार की राह पर चलता एक अंतरराष्ट्रीय प्रयास


 

‘गांधी मंडेला अवार्ड’ भारत से स्थापित दुनिया का एक ऐसा सर्वाधिक प्रतिष्ठित अंतरराष्ट्रीय पुरस्कार है जो विश्वभर के विभिन्न देशों के राष्ट्राध्यक्षों और विशिष्ट व्यक्तियों द्वारा किए गए उनके अति विशिष्ट कार्यों, उपलब्धियों और योगदानों को सम्मानित करने का एक अतुलनीय मंच भी है। पिछली दो शताब्दियों के इन दो युग पुरूषों के नाम पर स्थापित इस अंतरराष्ट्रीय अवॉर्ड के आयोजक ‘गांधी मंडेला फ़ाउंडेशन’ का मानना हैं कि जिस महात्मा गांधी को पांच बार नोबेल पुरस्कार के लिए नामांकन के बाद भी पुरस्कार के योग्य नहीं समझा गया उसी महात्मा गांधी की 150वीं जयंती पर शुरू होनेवाला यह पुरस्कार दुनिया को एक नई दशा और दिशा प्रदान करेगा, इसे पाने वालो में इनके आदर्शों की सच्ची झलक मिलेगी। यह पुरस्कार शान्ति, सत्य -अहिंसा, समाज कल्याण, कला-साहित्य, पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में अति विशिष्ट योगदान करनेवाली महान हस्तियों को प्रदान किया जाएगा। 

 

We welcome 🇧🇩 Justice #MdTafazzulIslam
(Former Chief Justice of Bangladesh), #KedarNathUpadhiyay ji (former Chief Justice of Nepal 🇳🇵) & #BabaRamdev ji for joining as jury member for #GandhiMandelaAward 2019 pic.twitter.com/uyQBCy2v7k

— Gandhi Mandela Award (@gmaawards1) September 27, 2019

 

पुरस्कार के लिए उम्मीदवारों का चयन एक अतिविशिष्ट समिति करेगी जिसमें भारत, नेपाल और बांग्लादेश सुप्रीम कोर्ट के पूर्व मुख्य न्यायाधीश और मानवाधिकार आयोग पूर्व अध्यक्ष शामिल होंगे। यह दक्षिण-मध्य एशिया के तीन राष्ट्रों के मुख्य न्यायाधीशों श्री दीपक मिश्रा, भारत, श्री के. जी. बालाकृष्णन, भारत, श्री केदार नाथ उपाध्याय, नेपाल और एम.डी. तफ़ज़्ज़ुल इस्लाम, बांग्लादेश की एक अतुलनीय, सर्वमान्य और सक्षम चयन समिति होगी जो गांधी-मंडेला पुरस्कार की महत्ता को प्रमाणित करती है। इसके पहले ही आयोजन में कई देशों के राष्ट्राध्यक्षों सहित 30 देशों के प्रतिनिधियों के नामांकनों का सम्मिलित होना इसके अंतरराष्ट्रीय स्वरुप और अहमियत को दर्शाता है। प्रति वर्ष इस पुरस्कार का आयोजन दुनिया के विभिन्न देशों में किया जाएगा। 2019 में नई दिल्ली से प्रारम्भ होने के बाद अब 2020 में इसका अगला आयोजन लंदन में होगा जिसमें ब्रिटिश की महारानी एलिज़ाबेथ के भी सम्मिलित होने की सम्भावना है।

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