गांधी मंडेला पुरस्कार के लिए जाम्बिया के प्रथम राष्ट्रपति नामांकित


केनेथ कुंडा ने जाम्बिया के पहले राष्ट्रपति के तौर पर 1964 से 1991 तक अपनी सेवाएं प्रदान की..

गांधी मंडेला पुरस्कार के लिए जाम्बिया के प्रथम राष्ट्रपति नामांकित


 

जाम्बिया के पहले राष्ट्रपति केनेथ डेविक कुंडा को गांधी मंडेला पुरस्कार के लिए नामांकित किया गया है। केनेथ कुंडा आजाद जाम्बिया के पहले राष्ट्रपति थे जिनके साथ भारत का अत्यंत ही विशिष्ट संबंध रहा है। केनेथ कुंडा ने जाम्बिया के पहले राष्ट्रपति के तौर पर 1964 से 1991 तक अपनी सेवाएं प्रदान की। कुंडा का जन्म 28 अप्रैल 1924 को जाम्बिया में हुआ था। केनेथ कोंडा की माता एक अध्यापिका थी जो जाम्बिया में पढ़ाने वाली पहली महिला अध्यापिका थी। वे यहां केके के नाम से काफी प्रसिद्ध हैं। केनेथ कोंडा ने काफी लंबे समय तक जाम्बिया को आज़ाद जाम्बिया बनाने के लिए ब्रिटिश हुकूमत से लंबी लड़ाई लड़ी और आखिर उनका ये प्रयास रंग लाया। गांधी मंडेला पुरस्कार ऐसे ही महान शांति के अग्रदूत को सम्मानित करने जा रहा है।  

 

Interactive Forum On Indian Economy और गांधी मंडेला फाउंडेशन के महासचिव श्री नंदन झा ने ‘गांधी मंडेला अवॉर्ड के इस अनोखे मंच की शुरुआत की है। ‘गांधी मंडेला अवार्ड’ भारत से स्थापित दुनिया का सर्वाधिक प्रतिष्ठित अंतरराष्ट्रीय पुरस्कार है जो विश्वभर के विभिन्न देशों के राष्ट्राध्यक्षों और विशिष्ट व्यक्तियों द्वारा किए गए उनके अनूठे कार्यों, उपलब्धियों व  योगदानों को सम्मानित करता है। पिछली दो शताब्दियों के इन दो युग पुरूषों के नाम पर स्थापित इस अंतरराष्ट्रीय अवॉर्ड के आयोजक ‘गांधी मंडेला फ़ाउंडेशन’ का मानना हैं कि जिस महात्मा गांधी को पांच बार नोबेल पुरस्कार के लिए नामांकन के बाद भी पुरस्कार के योग्य नहीं समझा गया उसी महात्मा गांधी की 150वीं जयंती पर शुरू होने वाला यह पुरस्कार दुनिया को एक नई दशा और दिशा प्रदान करेगा। इस अवार्ड को पाने वालो में इनके आदर्शों की सच्ची झलक मिलेगी। यह पुरस्कार शान्ति, सत्य -अहिंसा, समाज कल्याण, कला-साहित्य, पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में अतुलनीय योगदान करनेवाली महान हस्तियों को प्रदान किया जाएगा।

 

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