गांधी मंडेला पुरस्कार के लिए नामांकित गुलाम मुस्तफा खान


शास्त्रीय संगीत के गायक गुलाम मुस्तफा खान को गांधी मंडेला पुरस्कार के लिए नामांकित किया गया है..

गांधी मंडेला पुरस्कार के लिए नामांकित गुलाम मुस्तफा खान


 

हिंदुस्तानी शास्त्रीय संगीत के गायक गुलाम मुस्तफा खान को गांधी मंडेला पुरस्कार के लिए नामांकित किया गया है। गुलाम मुस्तफा खान सोनू निगम, हरिहरन और शान तीनों के गुरु गुलाम मुस्तफा खान हैं। यहीं नहीं, 88 वर्षीय शास्त्रीय गायक गुलाम मुस्तफा खान के शिष्यों में आशा भोंसले, गीता दत्त,मन्ना डे, एआर रहमान और लता मंगेशकर भी है। गुलाम मुस्तफा खान रामपुर-सहसवान घराने से ताल्लुक रखते हैं। गुलाम मुस्तफा को 1991 में पद्मश्री, 2003 में संगीत नाटक अकादमी पुरस्कार, 2006 में पद्मभूषण और 2018 में पद्म विभूषण से सम्मानित किया गया। गुलाम मुस्तफा खान ने बहुत छोटी उम्र में ही गाना शुरू कर दिया था।

उनके पिता उस्ताद वारिस हुसैन खान ने उन्हें दो साल की उम्र में ही संगीत की शिक्षा देनी शुरू कर दी थी। उस्ताद मुस्तफा खान का कहना है कि फिल्मों में गाने के मुझे कई प्रस्ताव मिले लेकिन मैं एक पारंपरिक कलाकार हूं। मेरे पुरखों ने अपना पूरा जीवन हमारे घराने को विकसित करने के लिए समर्पित किया है। उस परंपरा को बनाए रखना मेरा कर्तव्य है। शायद यही समर्पण है कि प्रसिद्ध तबला वादक उस्ताद जाकिर हुसैन ने उन्हें शास्त्रीय संगीतकार के रूप में अपनी पहली रिकॉर्डिंग के लिए श्रेय दिया।

गुलाम मुस्तफा खान ने फिल्म्स डिवीजन द्वारा बनाई गई 70 से अधिक डॉक्यूमेंटरी फिल्मों को अपनी आवाज दी है। इनमें से कई को अंतर्राष्ट्रीय और राष्ट्रीय पुरस्कार मिल चुके हैं। 'गांधी मंडेला अवार्ड' राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के आदर्शों और नेल्सन मंडेला के प्रेरणादायी जीवन को समर्पित पुरस्कार है जो ऐसी ही महान विभूतियों को दिया जाएगा जिन्होनें लोकल्याण के लिए कई कार्य किएं हैं। Interactive Forum On Indian Economy और गांधी मंडेला फाउंडेशन के महासचिव श्री नंदन झा ने ‘गांधी मंडेला अवॉर्ड के इस अनोखे और विशिष्ट मंच की शुरुआत की है।

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