'चैंपियंस ऑफ चेंज अवार्ड’ विजेता सुरेश ओबेरॉय


सुरेश ओबेरॉय को दिया जाएगा 'चैंपियंस ऑफ चेंज अवार्ड’..

'चैंपियंस ऑफ चेंज अवार्ड’ विजेता सुरेश ओबेरॉय


 

अभिनेता सुरेश ओबेरॉय को 'चैंपियंस ऑफ चेंज अवार्ड से सम्मानित किया जाएगा। वे हिन्दी फ़िल्मों के एक अभिनेता हैं। इनका जन्म 17 दिसम्बर 1946 को ब्रिटिश भारत के क्वेटा (जो वर्तमान में पाकिस्तान में है) में 'विशाल कुमर ओबेरॉय' नामसे एक हिन्दू खत्री परिवार में हुआ| भारत के विभाजन के बाद पिता आनंद सरूप ओबेरॉय व माता करतार देवी के साथ अमृतसर से होते हैदराबाद पहुंचे| हिंदी फिल्म जगत में इन्होने चरित्र अभिनेता के रूप में अपनी पहचान बनाई है| इसका उदहारण फिल्म मिर्च मसाला में दिया, जिसपर इन्हें सन 1987 का राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार अंतर्गत सर्वश्रेष्ठ सहायक अभिनेता पुरस्कार दिया गया|

उन्होंने अपने करियर की शुरुआत रेडियो शो उसके बाद मॉडलिंग और बाद में बॉलीवुड में जाने से की, जो कि 1980 और 1990 के दशक में एक लोकप्रिय चरित्र अभिनेता बन गया। 1970 के दशक की शुरुआत में, अभिनय में उनकी रुचि और एक अच्छी आवाज के कारण, उन्होंने रेडियो शो और स्टेज नाटकों में प्रवेश किया, जिससे उन्हें पुणे में फिल्म एंड टेलीविजन इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया में भाग लेने के लिए प्रेरित किया। अभिनय संस्थान में आने से पहले सुरेश ओबेरॉय, यशोधरा से मिले थे, जो तमिलनाडु से थीं और इस जोड़ी ने 1974 में मद्रास में शादी कर ली। 1976 में भविष्य के बॉलीवुड अभिनेता विवेक ओबेरोई का जन्म हुआ और इस जोड़ी का मुंबई में स्थानांतरण हो गया।

उनकी अच्छी आवाज और दमदार अभिनय ने एक अलग पहचान दी। मोटिवेशनल स्पीकर के तौर पर वह बीके सिस्टर शिवानी वर्मा के साथ एक वर्ल्ड साइकियाट्रिक एसोसिएशन में कई प्रोग्राम करते हैं। वे रूमानी एवं दार्शनिक कविताओं के पठन व लेखन में भी रुचि रखते है| इनकी रुचि इसमें इस कदर है कि अगर आप इनसे किसी पंक्ति को कहने में चूक जाए तो ये इसे सुधार कर, उसके लेखक का नाम तक भी बता देते है| 2001 में आई फ़िल्म अशोका के ये सूत्रधार थे| ज़ी टीवी कार्यक्रम 'जीना इसी का नाम है' के संचालक भी रह चुके है।

सुरेश ओबेरॉय को 'चैंपियंस ऑफ चेंज अवार्ड’ से सम्मानित किया जाएगा। इस कार्यक्रम का आयोजन नई दिल्ली स्थित विज्ञान भवन में 20 जनवरी 2020 को किया जाएगा। भारत के पूर्व राष्ट्रपति प्रणव मुखर्जी उन्हें इस पुरस्कार से सम्मानित करेंगे। गौरतलब है कि भारत के पूर्व मुख्य न्यायाधीश जस्टिस केजी बालकृष्णन और सुप्रीम कोर्ट की पूर्व न्यायाधीश जस्टिस ज्ञान सुधा मिश्रा की ज्यूरी द्वारा इस पुरस्कार चैंपियन ऑफ चेंज अवार्ड-2019’ के लिए उन्हें चुना गया है।

मौजूदा समय में Interactive Forum On Indian Economy और गांधी मंडेला फाउंडेशन के महासचिव श्री नंदन झा ने चैंपियंस ऑफ चेंज अवार्ड 2019 के इस अनोखे मंच की शुरुआत की है। यह पुरस्कार समारोह हर साल दिसंबर के महीने में होता है। जिसके तहत महान विभूतियों को उनके विशिष्ट उपलब्धियों व योगदानों के लिए सम्मानित किया जाता है।

इस पुरस्कार के लिए :-  

1. श्री हेमंत सोरेन (झारखंड के मुख्यमंत्री), समाज कल्याण (एस्पिरेशनल डिस्ट्रिक्ट)

2. श्री त्रिवेंद्र सिंह रावत (उत्तराखंड के मुख्यमंत्री (समाज कल्याण)। विशिष्ट जिला)

3. श्री अनुराग ठाकुर (राज्य वित्त और कॉर्पोरेट मामले), समाज कल्याण

4. श्री आचार्य बालकृष्णन (पतंजलि), समाज कल्याण

5 श्रीमती गीता कोड़ा (एमपी एलएस), समाज कल्याण (अविशिष्ट जिले)

6. सुश्री शिल्पा शेट्टी / राज कुंद्रा (स्वच्छ भारत)।

7. श्रीमती आई। दीपा वेंकट (समाज कल्याण), स्वर्ण भारत ट्रस्ट, आंध्र प्रदेश।

8. श्री अमूल्य पटनायक- पुलिस आयुक्त दिल्ली, सामाजिक सद्भाव।

9. सुश्री अरुशी पोखरियाल (समाज कल्याण)

10. सुरेश ओबेरॉय (संस्कृति) को भी चुना गया है।

 

https://www.facebook.com/events/492667751628633/

 

https://en.wikipedia.org/wiki/Champions_of_Change_(award)