बिहार: थमा प्रचार, 28 अक्टूबर को पहले चरण का मतदान


बिहार विधानसभा के पहले चरण के लिए प्रचार का शोर भले ही थम चुका हो लेकिन पूरे प्रचार के दौरान लोकल फॉर वोकल से हटकर केंद्रीय मुद्दे जमकर हावी रहे।

बिहार: थमा प्रचार, 28 अक्टूबर को पहले चरण का मतदान


बिहार में पहले चरण के लिए चुनाव का शोर थम चुका है। सभी पार्टियों ने पूरी कोशिश कर ली है। अब बारी है तो बिहार के जनता की। 28 अक्टूबर को बिहार में पहले चरण के लिए वोटिंग होगी। पहले चरण के रण के लिए बिहार तैयार है। 16 जिले की 71 सीटों पर 1,065 उम्मीदवारों की किस्मत पर जनता अपना फैसला देगी। पहले फेज में 2 करोड़ 14 लाख 6 हजार 96 मतदाता नेताओं के भाग्य का फैसला EVM में कैद करेंगे।

हालांकि इनमें कौन जीत की माला पहनेगा, यह तो दस नवंबर को मतगणना के दिन ही तय होगा। अगर पहले चरण में होने वाले मतदान की बात करें तो पटना जिले की 5, भागलपुर की 2, भभुआ, रोहतास, बक्सर, भोजपुर, औरंगाबाद, नवादा, गया, जमुई, बांका, जहानाबाद, अरवल, नवादा और शेखपुरा जिलों में मतदान होगा। नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में सुरक्षा कड़ी कर दी गई है।

बिहार विधानसभा के पहले चरण के लिए प्रचार का शोर भले ही थम चुका हो लेकिन पूरे प्रचार के दौरान लोकल फॉर वोकल से हटकर केंद्रीय मुद्दे जमकर हावी रहे। धारा 370 हो या चीन या फिर सैनिकों का बलिदान सभी पार्टियों ने जमकर सियासत की। पहले चरण के रण को जीतने के लिए प्रचार के आखिरी दिन भी स्टार प्रचारकों ने पूरी जान लगाई। बीजेपी अध्यक्ष जे पी नड्डा औरंगाबाद में गरजे और एक बार फिर कांग्रेस को आड़े हाथों लिया। धारा 370 का जिक्र किया तो कांग्रेस को पाकिस्तान का वकील करार दिया। 

बिहार में यह तो तय है कि NDA के मुखिया नीतीश कुमार ही हैं। राज्य की चौथी बार सत्ता हासिल करने के लिए चुनाव लड़ रहे नीतीश कुमार का 'सुशासन बाबू' का टैग और उनकी प्रतिष्ठा दांव पर है। नीतीश के लिए चुनौती तेजस्वी यादव हैं। यह ही वजह है कि वो हर रैली में RJD को घेरने का कोई मौका नहीं छोड़ते। पहले चरण के प्रचार के आखिरी दिन भी RJD पर नीतीश जमकर बरसे और अपनी सरकार की उपलब्धियों के सहारे वोट तलाशते नजर आए।

इस बार के चुनाव में चिराग पासवाल की पार्टी LJP किंगमेकर की भूमिका में नजर आ सकती है। चिराग पासवान के रवैये को देखकर ये समझा जा सकता है कि वो नीतीश कुमार को अपना दुश्मन नंबर 1 मानते हैं। इस बीच चिराग पासवान ने ये खुला ऐलान कर दिया है कि लोजपा सत्ता में आई तो नीतीश कुमार जेल में होंगे।

बिहार विधानसभा चुनाव को लेकर सियासी उटापटक अपने चरम पर है। 28 अक्टूबर को पहले चरण का मतदान है। बिहार में अबकी बार किसकी सरकार बनेगी इस सवाल का जवाब तो 10 नवंबर को ही मिलेगा। क्योंकि इस बार के चुनाव कयासों से बिल्कुल हटकर है. बिहार विधानसभा चुनाव में इस बार का समीकरण हर किसी की समझ से परे है।

 

 

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