थमा प्रचार, कल EVM में कैद होगी कई दिग्गजों की किस्मत


नीतीश कुमार और तेजस्वी के इन अरोपों और प्रत्यारोपों के बाद कांग्रेस पार्टी की अंतरिम अध्यक्ष सोनिया गांधी ने बिहार विधानसभा चुनाव को लेकर एक वीडियो संदेश जारी किया है, उन्होंने बिहार और केंद्र की सरकारों को 'बंदी सरकार' करार दिया है।

थमा प्रचार, कल  EVM में कैद होगी कई दिग्गजों की किस्मत


बिहार में पहले चरण के चुनाव के लिए प्रचार अब बंद हो गए हैं और कुछ ही घंटों में कई दिग्गजों की किस्मत EVM में कैद होने वाली है। 28 अक्टूबर को बिहार में पहले चरण के लिए वोटिंग होगी। 16 जिले की 71 सीटों पर 1,065 उम्मीदवारों की किस्मत पर जनता अपना फैसला देगी, लेकिन बिहार का सियासी पारा अपने चरम पर है। 

मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने बिना किसी का नाम लिए कहा था कि 8-8, 9-9 बच्चे पैदा करने वाले बिहार का विकास करने चले हैं। बेटे की चाह में कई बेटियां हो गईं, मतलब बेटियों पर भरोसा नहीं है, ऐसे लोग क्या बिहार का भला करेंगे। नीतीश कुमार के बयान को लालू यादव पर तंज माना जा रहा है। उनके बयान पर तेजस्वी यादव ने पलटवार किया है,तेजस्वी ने कहा कि नीतीश जी मेरे बारे में कुछ भी अपशब्द कहे वो मेरे लिए आर्शीर्वाद है। नीतीश जी शारीरिक-मानसिक रूप से थक चुके है, इसलिए वो जो मन करे, कुछ भी बोले, मैं उनकी हर बात को आशीर्वाद के रूप में ले रहा हूँ। इस बार बिहार ने ठान लिया है कि रोटी-रोजगार और विकास के मुद्दों पर ही चुनाव होगा। 

नीतीश कुमार और तेजस्वी के इन अरोपों और प्रत्यारोपों के बाद कांग्रेस पार्टी की अंतरिम अध्यक्ष सोनिया गांधी ने बिहार विधानसभा चुनाव को लेकर एक वीडियो संदेश जारी किया है, उन्होंने बिहार और केंद्र की सरकारों को 'बंदी सरकार' करार दिया है। इतना ही नहीं, उन्होंने कहा कि बिहार सरकार अहंकार में डूब चुकी है और अपने रास्ते से भटक गई है। कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि एनडीए सरकार की ना तो करनी अच्छी है और ना ही कथनी।  

चिराग पासवान भी नीतीश कुमार पर लगातार हमलावर है, जहां उन्होने कहा था कि अगर उनकी सरकार बिहार में बनी तो वो नीतीश कुमार को जेल पहुंचाएंगे, वहीं अब एक बार फिर चिराग पासवान ने नीतीश कुमार पर हमला बोला है। बिहार में शराब बंदी को लेकर कई सवाल उठाए हैं, उनहोने कहा कि सीएम नीतीश के नाक के नीते बिहार में शराब तस्करी हो रही है, लेकिन सीएम अंजान बने हुए हैं। 

बिहार के चुनावी दंगल में पहले चरण के लिए शोर भले ही थम चुका हो, लेकिन नेता एक दूसरे पर हमला बोलने का कोई भी मौका नहीं छोड़ना चाहते हैं, क्यों कि अभी तो बस रण की शुरुआत है। 

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