UP में नए धर्मांतरण अध्यादेश को मिली राज्यपाल की मंजूरी


कानून के मुताबिक, ज़बरदस्ती प्रलोभन से किया गया धर्म परिवर्तन संज्ञेय और गैर जमानती अपराध होगा। इस कानून को तोड़ने पर कम से कम 15 हज़ार रुपये जुर्माना और एक से पांच साल तक की सज़ा होगी।

UP में नए धर्मांतरण अध्यादेश को मिली राज्यपाल की मंजूरी


उत्तर प्रदेश में लव जिहाद पर लगाम लगाने वाले अध्यादेश को राज्यपाल आनंदीबेन पटेल की मंजूरी मिल गई है और आज से ये कानून यूपी में लागू हो गया है। 'लव जिहाद' को लेकर कानून बनाने वाला उत्तर प्रदेश देश का पहला राज्य बन गया है। इसमें दो अलग धर्मों के लोगों के बीच होने वाले विवाह को रखा गया है। 

कानून के मुताबिक, ज़बरदस्ती प्रलोभन से किया गया धर्म परिवर्तन संज्ञेय और गैर जमानती अपराध होगा। इस कानून को तोड़ने पर कम से कम 15 हज़ार रुपये जुर्माना और एक से पांच साल तक की सज़ा होगी। यही काम नाबालिग या अनुसूचित जाति या जनजाति की लड़की के साथ करने में कम से कम 25 हज़ार रुपये जुर्माना और 3 से दस साल तक की सज़ा होगी। गैरकानूनी सामूहिक धर्म परिवर्तन में कम से कम 50 हज़ार रुपये जुर्माना और 3 से 10 साल तक की सजा होगी।

धर्म परिवर्तन के लिए तयशुदा फॉर्म भरकर दो महीने पहले जिलाधिकारी को देना होगा। इसका उल्लंघन करने पर 6 महीने से 3 साल की सज़ा और कम से कम 10 हज़ार रुपये जुर्माना होगा।राज्यपाल से प्रस्ताव को मंजूरी मिलने के बाद अब इसे 6 महीने के भीतर विधानमंडल के दोनों सदनों में पास कराना होगा, जिसके बाद यह कानून रूप में प्रदेश में लागू हो जाएगा।

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