किसानों ने ठुकराया गृह मंत्री का प्रस्ताव, कहा बिना शर्त हों बात चीत को तैयार


पंजाब के 30 संगठनों सहित कई समूहों के किसानों का संकल्प स्पष्ट है और उनमें से कुछ का कहना है कि जब तक कानून वापस नहीं लिया जाता है तब तक वे यहां से नहीं हटेंगे और कुछ किसानों का कहना है कि वे सुनिश्चित करेंगे कि उनकी आवाज सुनी जाए।

किसानों ने ठुकराया गृह मंत्री का प्रस्ताव, कहा बिना शर्त हों बात चीत को तैयार


कृषि कानून के खिलाफ हजारों किसान दिल्ली की सीमाओं पर जमे हैं। इस बीच किसानों ने गृह मंत्री अमित शाह के उस प्रस्ताव को नकार दिया है। शाह ने कहा कि सरकार उनसे जल्द बातचीत के लिए तैयार है, लेकिन उसके लिए उन्हें बुराड़ी पहुंचना होगा। 

पंजाब के 30 संगठनों सहित कई समूहों के किसानों का संकल्प स्पष्ट है और उनमें से कुछ का कहना है कि जब तक कानून वापस नहीं लिया जाता है तब तक वे यहां से नहीं हटेंगे और कुछ किसानों का कहना है कि वे सुनिश्चित करेंगे कि उनकी आवाज सुनी जाए। इससे पहले ‘दिल्ली चलो’ मार्च के तहत किसानों और पुलिस के बीच जोरदार संघर्ष हुआ जिसमें पुलिस ने किसानों पर पानी की बौछारें और आंसू गैस के गोले दागे वहीं किसानों ने अवरोधकों को तोड़ डाला और पथराव किया, वहीं शनिवार को शांति बनी रही।

सिंघु और टिकरी बॉर्डर पर हजारों की संख्या में किसान ट्रकों, ट्रैक्टरों और अन्य वाहनों में पहुंचे हैं और पानी की बौछारों तथा आंसू गैस के गोले का सामना करते हुए तीन दिनों से वहां जमे हुए हैं। काफी संख्या में पुलिसकर्मियों के पहुंचने के बावजूद कई किसानों का कहना है कि वे बुराड़ी के संत निरंकारी मैदान में नहीं जाएंगे जहां उन्हें शांतिपूर्ण प्रदर्शन करने की अनुमति दी गई है।

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