कृषि कानूनों पर सरकार और किसानों की बातचीत, अपनी मांगों पर अड़े हुए हैं किसान


सरकार ने किसानों को समझाने की कोशिश की, लेकिन वे अपनी मांगों पर अब भी अड़े हैं. बैठक के बाद एक किसान नेता ने तो यहां तक कहा कि हम सरकार से कुछ तो जरूर वापस लेंगे, चाहे वो बुलेट हो या शांतिपूर्ण समाधान.

कृषि कानूनों पर सरकार और किसानों की बातचीत, अपनी मांगों पर अड़े हुए हैं किसान


किसानों के साथ  केंद्रीय कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर की बातचीत का कोई नतीजा नहीं निकल सका है। सरकार ने किसानों के मुद्दों पर विचार के लिए एक समिति बनाने का प्रस्ताव दिया, जिसे ठुकरा दिया है। उनका कहना है कि वे आंदोलन जारी रखेंगे। 

इस मुद्दे पर गुरुवार (3 दिसंबर) को फिर बातचीत होगी। किसान नेताओं के साथ बैठक करने के लिए विज्ञान भवन पहुंच चुके हैं। इस बैठक में वह 38 से 35 किसान संगठनों के प्रतिनिधियों से बात करेंगे। इस दौरान तीन कृषि कानूनों पर दोनों पक्षों के बीच जारी गतिरोध को लेकर कुछ हल निकलने की संभावना है।

सरकार ने किसानों को समझाने की कोशिश की, लेकिन वे अपनी मांगों पर अब भी अड़े हैं. बैठक के बाद एक किसान नेता ने तो यहां तक कहा कि हम सरकार से कुछ तो जरूर वापस लेंगे, चाहे वो बुलेट हो या शांतिपूर्ण समाधान. 

Our movement against Farm Laws will continue & we'll definitely take back something from the Govt, be it bullets or a peaceful solution. We'll come back for more discussions with them: Chanda Singh, Member of Farmers' Delegation who met Union Agriculture Minister in Delhi today pic.twitter.com/YgenF7koXN

— ANI (@ANI) December 1, 2020

किसानों के साथ आज की बैठक में APMC Act and MSP पर सरकार की तरफ से प्रेजेंटेशन दिया गया. सरकार किसानों को MSP पर समझाने की कोशिश की. सूत्रों के मुताबिक, बैठक में एक किसान संगठन के प्रतिनिधि ने कहा कि किसान कृषि कानूनों के खिलाफ सड़कों पर हैं. और उन्होंने मांग की कि सरकार को इसे वापस लेने पर विचार करना चाहिए. 

AAP के सौरभ भारद्वाज ने कहा है- जिस तैयारी से किसान आए हैं, वो सोच कर आए हैं कि केंद्र सरकार इनकी बात आसानी से नहीं मानेगी। उनके पास 6 महीने का तेल, गैस, आटा, दाल, चावल हैं। वे इन तीनों क़ानूनों को वापस कराकर अपने घर जाएंगे। सरकार को इनसे खुले मन से बातचीत करनी चाहिए। बता दें कि तीन कृषि कानूनों के खिलाफ किसानों का प्रदर्शन दिल्ली में फिलहाल जारी है।

आज उनके आंदोलन का छठा दिन पर हालात जस के तस हैं। किसानों की समस्या का हल नहीं निकल पाया है। हालांकि, दोपहर तीन बजे केंद्र के साथ 32 किसान संगठनों के प्रतिनिधियों की बातचीत है। माना जा रहा है कि इस बातचीत के दौर से कुछ निपटारा हो सकता है।

Recent Posts

Categories