नेताजी की 125 वीं जयंती पर ममता ने निकाला जुलूस, सरकार पर किया जोरदार हमला


ममता बेनर्जी ने कहा कि "हम नेताजी का जन्मदिन केवल उन वर्षों में नहीं मनाते हैं जब चुनाव निर्धारित होते हैं। हम उनकी 125 वीं जयंतीभव्य तरीके से मना रहे हैं। रवींद्रनाथ टैगोर ने नेताजी को देशनायक के रूप में वर्णित किया। इसीलिए हमने इस दिन को देशनायकदिवस के रूप में मनाने का फैसला किया है।"

नेताजी की 125 वीं जयंती पर ममता ने निकाला जुलूस, सरकार पर किया जोरदार हमला


पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने शनिवार को नेताजी सुभाष चंद्र बोस की 125 वीं जयंती पर नेताजी सुभाष चंद्र बोस कोश्रद्धांजलि देने के लिए कोलकाता में एक भव्य जुलूस निकाला। शहर के उत्तरी भाग में स्यामबाजार क्षेत्र से जुलूस की शुरुआत से पहलेबनर्जी ने दोपहर 12.15 बजे एक शंख बजायाजो कि 1897 में सुभाष चंद्र बोस का जन्म समय था।

ममता बेनर्जी ने कहा कि "हम नेताजी का जन्मदिन केवल उन वर्षों में नहीं मनाते हैं जब चुनाव निर्धारित होते हैं। हम उनकी 125 वीं जयंतीभव्य तरीके से मना रहे हैं। रवींद्रनाथ टैगोर ने नेताजी को देशनायक के रूप में वर्णित किया। इसीलिए हमने इस दिन को देशनायकदिवस के रूप में मनाने का फैसला किया है।

उन्होंने कहा कि "नेताजी देश के महानतम स्वतंत्रता सेनानियों में से एक थे। वह एक महान दार्शनिक थे।बनर्जी ने केंद्र से नेताजी केजन्मदिन को राष्ट्रीय अवकाश घोषित करने का भी आग्रह किया। 7 किलोमीटर के जुलूस का समापन रेड रोड पर नेताजी की प्रतिमा परहुआजहां बनर्जी सभा को संबोधित किया।

सैकड़ों लोगतृणमूल कांग्रेस के कई वरिष्ठ नेता और विधायक स्वतंत्रता सेनानी को श्रद्धांजलि देने के लिए जुलूस में शामिल हुए। मुख्यसचिव अलपन बंद्योपाध्याय और राज्य सरकार के अन्य नौकरशाह भी रैली में मौजूद थे।

ममता बनर्जी ने कहा कि नेताजी सुभाष चंद्र बोस की आजाद हिंद फौज में हिंदूमुस्लिमसिख इसाई हर समुदाय के लोग थेउनकेविचार भारत को संगठित रखने के थेबांटने के नहींअंग्रेजों ने बांटो और राज करो की नीति अपनाई थी. 'बीजेपी लोगों को बांटनाचाहती हैमेरी लड़ाई देश के लिए हैममता ने कहा कि केंद्र सरकार ने अबतक 23 जनवरी के दिन को सार्वजनिक अवकाश के तौर परघोषित नहीं किया हैमैं मांग करती हूं कि इसे तुरंत किया जाना चाहिए.

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