राइस ट्रांसप्लांटर कैसे बदल रहा है किसानों की किस्मत?


धान रोपने वाली मशीन की खोज सबसे पहले जापान में हुई थी। फिर पंजाब में सबसे पहले इसका प्रयोग हुआ था। इस मशीन की बनावट काफी ज़्यादा सरल है।

राइस ट्रांसप्लांटर कैसे बदल रहा है किसानों की किस्मत?


धान रोपने वाली मशीन à¤•à¥€ खोज à¤¸à¤¬à¤¸à¥‡ पहले à¤œà¤¾à¤ªà¤¾à¤¨ में हुई थी। फिर à¤ªà¤‚जाब में सबसे पहले इसका प्रयोग हुआ था। à¤‡à¤¸ मशीन की à¤¬à¤¨à¤¾à¤µà¤Ÿ काफी ज़्यादा à¤¸à¤°à¤² है। 

इसमें à¤•à¥à¤² तीन भाग होते हैं- धान के पौधे को पकड़ने वाली चिमटी, धान को सीधा रखने वाला बॉक्स और à¤¬à¥‰à¤•à¥à¤¸ को सहारा देने वाला चौखटा। ये सभी भाग लकड़ी और बांस के बने होते है। इनके पौधों à¤•à¥‹ पकड़ने वाली चिमटी के भी तीन भाग होते है- पकड़ने वाले दांत, दाहिना और बांया मूठ के ऊपर और नीचे वाले पतवर तख्ते।

धान रोपने वाली मशीन के लाभ :

1. प्रतिरोपण मशीन से रोपाई जल्दी और ठीक समय पर होती है।

2. à¤˜à¤¾à¤¸ को साफ़ करने में काफी लाभदायक साबित हुई à¤¹à¥ˆà¥¤ 

3. धान का पौधा सामांतर पक्तियों में बोया जाता है।

4. à¤‡à¤¸à¤¸à¥‡ मानव श्रम की बचत और पैदावार में वृद्धि हुई है।

5. ये सही तरह धान को बराबर भागों में लगाने का काम à¤•à¤°à¤¤à¥€ है।

अलग-अलग तरह के प्लांटर :

1. जापानी पैडी प्लांटर

2. सेल्फ प्रोपेल्ड मशीन

3. महिंद्रा एंड महिंद्रा पैडी प्लांटर

4. आरसी एग्रो पैडी प्लांटर

बता दें राइस ट्रांसप्लांटर की कीमत  2-2.50 लाख रूपए तक की है। 

ऐसे खरीदें à¤®à¤¶à¥€à¤¨-  

कोई भी किसान इसे खरीदना चाहे à¤¤à¥‹ à¤¸à¤¬à¤¸à¥‡ पहले स्थानीय डीलर से à¤¸à¤‚पर्क स्थापित करे। à¤­à¤¾à¤°à¤¤ में कई और तरह के ब्रांड भी इस तरह की अन्य मशीनों को बनाते है। इसके अलावा किसान खुद आसपास क्षेत्रीय कार्यालय में जाकर स्वयं डीलरों से संपर्क कर सकते हैं।

 

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