जोड़ों के दर्द को छूमंतर करने के ये घरेलू नुस्खे !


अगर हमारे जोड़ों में दर्द हो तो हम कुछ भी नहीं कर पाते हैं। आज हम आपको बताएंगे कुछ ऐसे उपाय जो आपके जोड़ों को मजबूत और स्वस्थ बनाने में आपकी मदद करते हैं।

जोड़ों के दर्द को छूमंतर करने के ये घरेलू नुस्खे !


हमारे शरीर में बहुत सारे जोड़ हैं। जिसके सहारे हम अपने शरीर को जैसे चाहें मोड़ सकते हैं। पर अगर हमारे जोड़ों में दर्द हो तो हम कुछ भी नहीं कर पाते हैं। आज हम आपको बताएंगे कुछ ऐसे उपाय जो आपके जोड़ों को मजबूत और स्वस्थ बनाने में आपकी मदद करते हैं।

1. वजन को नियंत्रण मे रखें ज्यादा मोटे आदमी को जोड़ों के दर्द की समस्या भी ज्यादा होती है। क्योंकि शरीर का अतिरिक्त वजन हमारे जोड़ों, विशेष कर घुटने के जोड़ों पर दबाव बनाता है। जिससे दर्द की संभावना बढ़ जाती हैं। इसलिए अपने वेट को कंट्रोल में रखिए।

2. लगातार एक ही जगह पर बैठ कर काम करने से भी जोड़ों में दर्द की संभावना ज्यादा होती है। वो लोग जो कंप्यूटर पर बैठे रहते हैं। या कहीं बैठ कर काम करते हैं उनके लिये जरूरी है की वो अपने बैठने की मुद्रा को लगातार बदलते रहें।

3. अपने घुटनों की मजबूती के लिये जरूरी है कि आप एक दिन में कम से कम 20-40 मिनट तक टहलें।

4. अगर आपकी मांसपेशियां मजबूत  नहीं है तो भी आपके जोड़ों मे दर्द की संभावना ज्यादा होती हैं। विशेष रूप से रीढ़ की हड्डी, कूल्हों और घुटनों में दर्द ज्यादा होता है।

5.बैठने का सही तरीका भी आपके कूल्हे और पीठ की मांसपेशियों को मजबुत बनाता है। कंधों को झुकाकर न खड़े हों।

6.मजबूत हड्डियों और मांसपेशियों के मजबूत बनाने के लिए हेल्दी फुड़ खाना जरुरी है। क्योंकिहड्डियों को स्वस्थ बनाए रखने के लिए कैल्शियम की जरूरत होती है।

7.कैल्शियमके लिए आप सप्लिमेंट भी ले सकते हैं। 50 साल की उम्र तक के पुरुषों और महिलाओं को हर रोज 1,000 मिलीग्राम कैल्शियम और 50 के बाद रोज 1,200 मिलीग्राम कैल्शियम की जरूरत होती है।

8. 71 साल की आयु के बाद 1,200 मिलीग्राम कैल्शियम पुरुष और महिला दोनों ले सकते हैं। जो आपको दूध, दही, ब्रोकली, हरी पत्तेदार सब्जी, कमल स्टेम, तिल के बीज, अंजीर और सोया या बादाम दूध से मिल सकता है।

9. विटामिन डी हड्डियों और जोड़ों को स्वस्थ रखने के लिए बहुत जरूरी होता है। यह हड्डियों के विकास और हड्डी के ढांचे को सक्षम बनाता है।

10.धूम्रपान कैल्शियम के Absorveहोने की दर और हड्डियों के विकास और शक्ति को प्रभावित करने वाले एस्ट्रोजन और टेस्टोस्टेरॉन हार्मोन के उत्पादन को कम कर देता है। जिससे हड्डियां कमजोर होती हैं और उनके फ्रैक्चर होने की संभावनाएं ज्यादा होती हैं।

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