सूफियाना हापुस आम का अंदाज ही प्रकृति बन गया है कोकण में


ऐसे कई वाकये देखने मिलते हैं जहां युवक का शौक उसे अपने व्यक्तित्व निर्माण की ओर ले जाता है और आगे चलकर वही उसकी आजीविका का मार्ग बनता है लेकिन ऐसा बिरले ही देखने मिलता है जब कोई जुनून को इस सीमा तक ले जाए जहां से एक ‘पाक’ क्रांति का जन्म हो।

सूफियाना हापुस आम का अंदाज ही प्रकृति बन गया है कोकण में


जब शौक इबादत बन जाए तो आम भी सूफियाना हो जाते हैं
ऐसे कई वाकये देखने मिलते हैं जहां युवक का शौक उसे अपने व्यक्तित्व निर्माण की ओर ले जाता है और आगे चलकर वही उसकी आजीविका का मार्ग बनता है लेकिन ऐसा बिरले ही देखने मिलता है जब कोई जुनून को इस सीमा तक ले जाए जहां से एक ‘पाक’ क्रांति का जन्म हो। पिछले दो-ढ़ाई दशक से देश भर में मिलावट और रसायनों की मदद ने सब्जियों और फलों के बिगड़ चुके स्वाद ने पूरी पीढ़ी को महरूम कर दिया है यह जानने से कि इनका असल में स्वाद कैसा था। इसी कसक के दौर से गुजरे बदरूल हसन खान ने कॉलेज की पढ़ाई पूरी होने के बाद कसम खा ली आमों को बिना किसी रासायनिक मदद लिए सबसे नैसर्गिक स्वरूप में यानी ‘सूफी’ शक्ल में लोगों तक पहुंचाने की।

गाय की खाद से खान को मिली आमों की खान



वर्षोंवर्ष हापुस की घटती पैदावार और बिगड़ते कसैले स्वाद से दुखी खान सर ने ठान ली कि वे समय की सुई फिर पीछे ले जाएंगे। किसानों द्वारा आम के पेड़ में 'कल्टार' का इंजेक्शन लगाकर जल्दी 'जवान' करने का पाप देखकर विचलित होकर उन्होंने मुंबई के पड़ोस में जगह खोजनी शुरू की। रासायनिक खादों और और एसिटोन जैसे जहरीले इंजेक्शन के सहारे जल्दी आम पकाकर जल्दी से जल्दी कमाई करने के दौर में खान सर ने 'गौअमृत' और गाय के गोबर की खाद के सहारे कोकण की प्रदूषणरहित आबोहवा वाले मुरूड़-जंजीरा में ऐसा 'बाग-ए-मसर्रत' बसाया जिसकी महक अब अब देश-विदेश तक पहुंच चुकी है। मुरूड में समुद्र से तीन हजार फुट ऊंची जमीन को सालों तक समतल कर वहां पानी के स्त्रोतों का अध्ययन किया। तालाब बनाने के लिए अपनी उपजाऊ जमीन की बलि दे दी। पूरे कस्बे के गोबर को समेटकर बिल्कुल प्राकृतिक खाद बनाई। पहले लगाए जा चुके पेड़ों में बौर लगने के कुछ साल बाद आखिरकार 'सूफी मैंगो' का सपना सचाई बना। अब तो वहां नैसर्गिक रूप के अनार, मोसंबी, अमरूद सहित सैकड़ों फलों और उनकी किस्में विकसित हुई हैं। प्राकृतिक वातावरण में ऑर्गेनिक गाय की खाद और आयुर्वेदिक सप्लीमेंट के सहारे पैदा किए गए ‘सूफी’ आम अपनी अलग विशेषता लिए हुए हैं। अनूठेपन के कारण रत्नागिरी और देवगढ़ का 'हापुस' सबका सिरमौर है लेकिन 'खान सर' के सूफी आम इसी जगह इबादत के सहारे सबसे अलहदा स्वाद के साथ सबको पीछे छोड़े हुए हैं। ‘सूफी आम’ ना तो बाजार में मिलते हैं और ना ही कोई कर्मशल विक्री। 'प्रीजरवेटिव' के उपयोग से आहत खान सर को भरोसा था कि कभी ना कभी यह अंधायुग समाप्त होगा और आज ‘सूफी मैंगो’ को जानने और परखने के लिए खुद लोगों को आमंत्रित करते हैं।

सूफी मैंगो की लगातार बढ़ती मांग

इतनी मेहनत के बावजूद खान सर अपने आमों को बाजार में बेचने के लिए उत्साहित नहीं। उनकी आंखें खरीदार नहीं बल्कि कद्रदान खोजती हैं। कहते हैं -'भारत में हीरे परखनेवालों की कमी नहीं है। बस चीज सही होनी चाहिए। मुझे फख्र है कि सूफी आम सब की हर अपेक्षा पर खरा उतरा है।’ बाद में तो यह आलम बना कि मुंबई के कॉर्पोरेट जगत के हजारों सुरमां 'सच्चे स्वाद' वाले आम को खोजते-खोजते वहां पहुंचे और अब महीनों पहले से ही 'सूफी मैंगो' के लिए एडवांस में बल्क ऑर्डर की कतार होती है। इंटरनेट पर 'soofi Mango' टाइप करते ही इन आमों का पूरा इतिहास सामने आ जाएगा। 'बाग-ए-मसर्रत' अब पर्यटन केंद्र बन गया है, जहां प्रकृति प्रेमी खुद आकर परखते हैं कि कैसे दशहरी, केसर, चौसा, लंगड़ा और तोतापुरी वेरायटी का सच्चा स्वाद क्या होता है। वह स्वाद उन्हें बचपन के उन दिनों में ले जाता है जब आमसचमुच में ‘हापुस’ हुआ करता था।

आम उत्पादन में भारत नंबर वन है दुनिया में

आमों के उत्पादन के मामले में भारत दुनिया का सरताज है। वहां हर साल 1.87 करोड़ लाख टन आम की पैदावार होती है कि दुनिया में सबसे ज्यादा आबादी वाला देश चीन आमों के उत्पादन में दूसरे पायदान पर है। चीन हर साल 47 लाख टन आम पैदा करता है। आम के बड़े उत्पादकों में दक्षिण पूर्व एशियाई देश थाईलैंड का नंबर तीसरा है और वह सालाना 34 लाख टन आम होता है। इसके बाद मैक्सिको (22 लाख टन) का स्थान है। पांचवां क्रमांक इंडोनेशिया का है दुनिया में सबसे ज्यादा मुस्लिम आबादी वाला देश इंडोनेशिया भी अग्रणीय आम उत्पादक देशों में शामिल हैं। वहां हर साल 21 लाख टन आम होते हैं। आमों की पैदावार के मामले में दुनिया भर में पाकिस्तान का छठा नंबर है. वहां हर साल 15 लाख टन आम होता है, जिसमें कई तरह के आम होते हैं। सूफी आम के बारे में अधिक जानकारी http://www.soofimangoes.com पर हासिल की जा सकती है।

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