बिहार में बुखार से 60 बच्चों का मौत


उत्तर बिहार में चमकी बुखार के कारण 11 दिन में 60 बच्चों की मौत हो गई..

बिहार में बुखार से 60 बच्चों का मौत


एक तरफ प्रचंड गर्मी का प्रकोप और दूसरी तरफ मौत का बुखार चमकी..जिसके निशाने पर है मासूम बच्चे। जी हां ऐसा ही कुछ आलम है उत्तर बिहार का जहां ‘चमकी’ तेज़ बुखार बच्चों के लिए मौत का सबब बना हुआ। बिहार में 24 घंटे में मुजफ्फरपुर के एसकेएमसीएच और केजरीवाल अस्पताल में पांच बच्चों की मौत हो गई। इस घातक दिमागी बुखार ने 50 से ज्यादा बच्चों की जान ले ली है। अकेले मुजफ्फरपुर जिले में ही 25 बच्चों की मौत हो गई। जबकि बुखार की चपेट में 23 नए बच्चों को दोनों अस्पतालों में भर्ती कराया गया है। 11 दिनों में इस बीमारी से मरने वालों की संख्या 50 के पार पहुंच गई है। इस बुखार का सबसे बड़ा कारण तेज धूप के साथ आर्द्रता है।

 

जानें क्या हैचमकी बुखार

चमकी बुखार को एक्यूट इंसेफलाइटिस सिंड्रोम के नाम से भी जाना जाता है। इस बीमारी में दिमाग में सूजन हो जाती है। ये सब वायरल इंफेक्शन की वजह से होता है। जापानी इंसेफलाइटिस को उत्तरी बिहार में चमकी बुखार के नाम से जाना जाता है। यह बुखार शरीर के इम्यून सिस्टम और दिमाग के ऊतकों पर हमला करता है।

 

चमकी बुखार के लक्षण

इसमें सिरदर्द के साथ बुखार आना सबसे बड़ा लक्षण होता है। मांसपेशियों और ज्वाइंट्स में दर्द, कमजोरी की शिकायत भी होती है। उल्टी आना और चिड़चिड़ेपन के लक्षण भी नजर आते हैं। कई बार इससे पीड़ित मरीज बेहोश भी हो जाता है। बीमारी अगर बढ़ जाती है तो ये लक्षण नजर आते हैं।

बर्तें ये सावधानी

बुखार होने पर तुरंत डॉक्टर को दिखाएं। बच्चे को समय-समय पर पानी और पतली चीज़े खाने को दें। तेज़ धूप और गर्मी वाली जगह से बच्चे का बचाव करें। पपीता और चीकू जैसे फलों को बच्चे को दें।

 

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