दिमागी बुखार से मौत का आंकड़ा 140 के पार


बिहार में चमकी बुखार से मरने वाले बच्चों की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है। बुखार से मरने वाले बच्चों की संख्या 140 का आंकड़ा भी पार गई है..

दिमागी बुखार से मौत का आंकड़ा 140 के पार


 

बिहार में चमकी बुखार से मरने वाले बच्चों की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है। बुखार से मरने वाले बच्चों की संख्या 140 का आंकड़ा भी पार गई है लेकिन बिहार सरकार खामोशी का जामा पहने है। अकेले मुजफ्फरपुर में ही 117 बच्चों की मौत हो गई है और बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार दिल्ली में व्यस्त हैं, तो डिप्टी सीएम सुशील मोदी पटना में। अपनी बाहों में अपने नन्हें बच्चे की मौत का भयावह मंज़र देख रहे परिजन सरकार से सवाल कर रहें हैं आखिर बच्चों की सांसें छिनने का सिलसिला कब खत्म होगा? ये एक ऐसा सवाल है जिसका सवाल ना रोते-बिलखते माता-पिता के पास है और ना ही यहां कि सरकार के पास।

बिहार के अस्पतालों में लगातार चमकी बुखार के नए मामले सामने आ रहे हैं। मासूमों की मौत का केंद्र बन चुके मुजफ्फरपुर मेडिकल कॉलेज में हालात बदलने की कोशिश की जा रही है, लेकिन ये कहना मुश्किल है कि ये हालात आखिर कब तक सुधरेंगें। हालांकि अस्पताल एसी और कूलर लग गए हैं, लेकिन लगातार बिजली की कटौती परेशानी का सबब बनी हुई है।

देश के बाकी हिस्सों में भी चमकी बुखार का डर राज्य सरकारों को सता रहा है। उड़िसा में लीची के सैंपल लेकर जांच की जा रही है। राजस्थान सरकार ने चिकित्सा विभाग को पहले से ही सतर्क रहने को कहा है वहीं झारखंड में भी सभी अस्पतालों को अलर्ट रहने को कहा गया है।