भगवान शिव भक्तों को देते हैं अभयदान


सावन में आने वाली शिवरात्रि का विशेष महत्व होता है। ऐसा कहा जाता है कि इस दिन भगवान शिव की पूजा विशेष फलदायी होती है..

भगवान शिव भक्तों को देते हैं अभयदान


 

आज शिवरात्रि का पावन त्यौहार है। शिवालयों में लंबी-लंबी कतारों में खड़े भक्त अपनी बारी के इंतजार कर रहें हैं। श्रृद्धालु मंदिरों में जल, फल, फूल और दूध से भोलेनाथ को प्रसन्न करने में लगे हुए हैं। सावन के महिने में आने वाली शिवरात्रि का हिन्दू धर्म में विशेष महत्‍व होता है। हालांकि हर महीने कृष्‍ण पक्ष की चतुर्दशी को शिवरात्रि आती है, लेकिन सावन में आने वाली शिवरात्रि का विशेष महत्व होता है। ऐसा कहा जाता है कि इस दिन भगवान शिव की पूजा विशेष फलदायी होती है।

महाशिवरात्रि की ही तरह सावन में आने वाली शिवरात्रि से अक्षय पुण्‍य की प्राप्ति होती है। ऐसा कहा जाता है कि सावन के महीने में भगवान शिव और माता पार्वती अपने पूरे परिवार और शिवगणों के साथ पूरे महीने पृथ्वी पर निवास करते हैं। इसलिए इस दौरान की गई पूजा-अर्चना से भगवान शिव अभयदान देते है और भक्तों की सभी मनोकामनाएं पूर्ण करते हैं। मंगलवार को चतुर्दशी तिथि 30 जुलाई 2019 को दोपहर 02 बजकर 49 मिनट से प्रारंभ है जो चतुर्दशी तिथि 31 जुलाई को सुबह 11 बजकर 57 मिनट तक समाप्त होगी।